चंडीगढ़ – कृषि विशेषज्ञों के अनुसार धान की पैदावार में करीब 20 फीसदी तक की गिरावट हो सकती है। धान की फसल के लिए इस समय पर्याप्त पानी बेहद जरूरी होता है। कम बारिश के कारण किसानों को सिंचाई के लिए ट्यूबवेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार धान की पैदावार में करीब 20 फीसदी तक की गिरावट हो सकती है। धान की फसल के लिए इस समय पर्याप्त पानी बेहद जरूरी होता है। कम बारिश के कारण किसानों को सिंचाई के लिए ट्यूबवेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इससे उनकी लागत भी बढ़ रही है।मानसून की बारिश में कमी का असर भूजल स्तर पर भी दबाव बढ़ा सकता है। बिहार में अगस्त के दौरान सबसे अधिक 41 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है। आंध्र प्रदेश में 38 और कर्नाटक में 22 फीसदी कम बारिश हुई है। पूरे देश में इस बार 13 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। 1 जून से 24 अगस्त तक पंजाब में औसत से 33 फीसदी कम बारिश हुई है।


